Gustaakh Ishq Review : A Slow-Burning, Word-Driven Drama That Works—Mostly Because of Naseeruddin Shah

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अगर आप ऐसी कहानियाँ पसंद करते हैं जो तेज़ रफ़्तार की बजाय भावनाओं, शेर-ओ-शायरी और गहरी बातचीत के सहारे आगे बढ़ती हैं, तो Gustaakh Ishq आपके लिए है। यह फिल्म धीरे-धीरे खुलने वाली, गहराई में उतरने वाली और शब्दों से बुनी हुई कहानी पेश करती है। मेरा यह Gustaakh Ishq review फिल्म की खूबसूरती, कमज़ोरियाँ और सबसे अहम—Naseeruddin Shah के दमदार अभिनय—पर रोशनी डालता है।

Story Overview

फिल्म एक जटिल रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है जहाँ प्यार, तकलीफ़, जुनून और समझ के रंग मिलकर एक भावनात्मक कैनवास बनाते हैं। कहानी में कई परतें हैं—कुछ खुलकर सामने आती हैं, कुछ दर्शक अपने अनुभव से जोड़ते हैं।

यहाँ कहानी किसी एक दिशा में भागती नहीं, बल्कि रुक-रुककर, गहराई से और शब्दों की ताकत पर आगे बढ़ती है। यही वजह है कि Gustaakh Ishq review में इसे “slow-burning” कहा गया है।

Characters & Performances

फिल्म के हर किरदार को समझने में समय लगता है, और यही इसकी खासियत भी है। सभी कलाकार अपने-अपने रोल में अच्छे दिखते हैं, लेकिन सच्चा जादू तब होता है जब स्क्रीन पर Naseeruddin Shah आते हैं।

Naseeruddin Shah: The Heart of the Story

उनका हर डायलॉग सिर्फ बोला नहीं जाता—महसूस कराया जाता है।
उनकी मौजूदगी कहानी को वजन भी देती है और दिशा भी।

कई दर्शक शायद इस फिल्म को सिर्फ उनके लिए ही देखने जाएँ, और यह बात इस Gustaakh Ishq review में साफ तौर पर झलकती है।

Writing & Dialogue Quality

फिल्म का सबसे मजबूत पहलू इसका लेखन है। यहाँ शब्द सिर्फ संवाद नहीं, बल्कि भावनाओं का पुल हैं। कई जगह लेखन इतना खूबसूरत लगता है कि लगता है मानो कविता सुन रहे हों।

लेकिन यही फिल्म की चुनौती भी है—कई बार शब्दों का बोझ कहानी पर भारी पड़ता है। कुछ दर्शक इसे “overwritten” भी मान सकते हैं। फिर भी, लिखावट की खूबसूरती इस Gustaakh Ishq review का सबसे बड़ा हाइलाइट रहती है।

Direction & Visual Style

फिल्म का निर्देशन बहुत ही सधा हुआ है। निर्देशक ने रफ़्तार बढ़ाने की जगह हर दृश्य को स्पेस देने का फैसला किया है।
कैमरा वर्क सादा है, लेकिन भावनाओं को कैद करने में बेहद असरदार है।

इस फिल्म की विज़ुअल खूबसूरती कहानी के साथ मेल खाती है—धीमी, शांत, और गहराई भरी।

Pace & Overall Feel

फिल्म की रफ़्तार जानबूझकर धीमी रखी गई है।

अगर आप तेज़-तर्रार स्टाइल के आदी हैं, तो यहाँ आपको सब्र की ज़रूरत पड़ेगी।
लेकिन अगर आपको layered storytelling पसंद है, तो यह आपको कहीं न कहीं छू लेगी।

इस Gustaakh Ishq review में pace को “slow-burning” इसलिए कहा गया है क्योंकि कहानी धीरे-धीरे अपने रंग दिखाती है और इसी प्रक्रिया में अपना असर छोड़ती है।

Music & Background Score

फिल्म का संगीत बहुत subtle है। यह संवादों और भावनाओं को overpower नहीं करता, बल्कि शांत तरीके से उन्हें support करता है।
Background score भी minimalistic है, जो फिल्म के टोन के साथ बिल्कुल मेल खाता है।

What Works in the Film

  • Naseeruddin Shah का जबरदस्त अभिनय
  • खूबसूरत और गहरी लेखनी
  • भावनाओं से भरी layered storytelling
  • रिश्तों का mature और realistic चित्रण
  • शांत और क्लासिक visual tone

ये सभी बातें इस Gustaakh Ishq review को सकारात्मक दिशा में ले जाती हैं।

What Doesn’t Work

  • कई हिस्सों में कहानी खिंचती हुई लगती है
  • लेखन कई बार बहुत भारी हो जाता है
  • कुछ किरदारों की depth उतनी नहीं दिखती
  • रफ़्तार धीमी होने के कारण masala cinema देखने वाले दर्शक disconnect महसूस कर सकते हैं

Should You Watch It?

अगर आप meaningful, poetic और deep cinema पसंद करते हैं, तो Gustaakh Ishq आपको निराश नहीं करेगी।
अगर आप Naseeruddin Shah के फैन हैं, तो यह फिल्म must-watch है।

लेकिन अगर आप fast-paced, entertaining और predictable कहानियों के लिए फिल्म देखते हैं, तो यह आपको थोड़ी भारी लग सकती है।

इस Gustaakh Ishq review का सार यही है—यह फिल्म हर किसी के लिए नहीं, लेकिन जिनके लिए है, उनके दिल तक ज़रूर पहुँचती है।

Final Verdict

Gustaakh Ishq एक शब्दों में डूबी, भावनाओं में पगी, और गहराई से भरी ड्रामा फिल्म है जो अपनी imperfections के बावजूद असर छोड़ती है। Naseeruddin Shah इसमें सिर्फ अभिनय नहीं करते—कहानी को जीवित कर देते हैं।

फिल्म slow है, लेकिन soulful भी।
धीमी है, पर असरदार भी।
कमियों के बावजूद यह एक ऐसी सिनेमैटिक यात्रा है जो देखने लायक है।

Image Source : IMDb

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