भारत में इंटरनेट का इस्तेमाल हर दिन बढ़ रहा है और मोबाइल डेटा आम लोगों की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन अब इंटरनेट यूजर्स के लिए बुरी खबर सामने आई है। देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों जियो एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया (Vi) ने मोबाइल डेटा और रिचार्ज प्लान्स के दाम बढ़ाने का फैसला लिया है। इसका सीधा असर करोड़ों ग्राहकों पर पड़ेगा, जिन्हें अब इंटरनेट इस्तेमाल करने के लिए पहले से ज्यादा पैसे देने होंगे।
जियो और एयरटेल ने बढ़ाए मोबाइल डेटा रेट्स
रिपोर्ट्स के मुताबिक रिलायंस जियो और भारती एयरटेल ने अपने कई प्रीपेड और पोस्टपेड प्लान्स के दाम बढ़ा दिए हैं। पहले जहां 1GB डेटा 10 से 12 रुपये में मिल रहा था, अब वही डेटा 15 से 20 रुपये तक का हो गया है। इससे साफ है कि इंटरनेट यूजर्स को रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए ज्यादा खर्च करना होगा।
वोडाफोन-आइडिया भी कर सकता है रेट हाइक
जियो और एयरटेल के बाद अब वोडाफोन-आइडिया (Vi) भी अपने डेटा और रिचार्ज प्लान्स महंगे करने की तैयारी में है। कंपनी पहले से ही वित्तीय संकट से जूझ रही है और अतिरिक्त राजस्व जुटाने के लिए प्लान्स की कीमतों में इजाफा कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो सभी बड़ी टेलीकॉम कंपनियों का डेटा एक साथ महंगा हो जाएगा।
यूजर्स पर पड़ेगा सीधा असर
मोबाइल डेटा महंगा होने से यूजर्स की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
- जिन लोग ऑनलाइन क्लासेस, वर्क फ्रॉम होम या बिज़नेस के लिए इंटरनेट पर निर्भर हैं, उनका खर्च पहले से कहीं ज्यादा बढ़ जाएगा।
- OTT प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग का मज़ा लेने वालों को भी ज्यादा रिचार्ज करवाना पड़ेगा।
- गांव और छोटे कस्बों में जहां लोग केवल मोबाइल डेटा पर निर्भर रहते हैं, वहां यह बढ़ोतरी और बड़ा बोझ साबित होगी।

टेलीकॉम कंपनियों की दलील
टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि प्लान्स महंगे करना उनकी मजबूरी है क्योंकि
- उन्हें 5G नेटवर्क, इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक में भारी निवेश करना पड़ रहा है।
- स्पेक्ट्रम फीस और सरकारी टैक्स भी लगातार बढ़ रहे हैं।
- कंपनियां चाहती हैं कि प्रति यूजर एवरेज रेवेन्यू (ARPU) बढ़े, ताकि वे बेहतर सेवाएं दे सकें।
क्या सस्ता इंटरनेट अब सपना बन जाएगा?
भारत दुनिया का ऐसा देश माना जाता था, जहां इंटरनेट डेटा सबसे सस्ता था। जियो की एंट्री के बाद डेटा रेट्स में भारी गिरावट आई थी और आम आदमी भी इंटरनेट का मज़ा लेने लगा था। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं।
- 2016 से 2020 के बीच भारत इंटरनेट रेट्स में सबसे सस्ता देश बना रहा।
- अब लगातार प्राइस हाइक से यूजर्स की परेशानी बढ़ रही है और सस्ता इंटरनेट धीरे-धीरे सपना बनता जा रहा है।
यूजर्स के लिए विकल्प क्या हैं?
इंटरनेट यूजर्स को अब अपने डेटा इस्तेमाल पर ध्यान देना होगा।
- Wi-Fi कनेक्शन लगाकर डेटा खर्च कम किया जा सकता है।
- अनावश्यक ऐप्स के बैकग्राउंड डेटा को बंद करना होगा।
- डेटा सेविंग मोड का इस्तेमाल करके ज्यादा समय तक इंटरनेट चलाया जा सकता है।
- OTT और वीडियो देखने की क्वालिटी को HD से SD पर शिफ्ट करके भी डेटा बचाया जा सकता है।
निष्कर्ष
मोबाइल डेटा अब पहले जितना सस्ता नहीं रहा। जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया की इस बढ़ोतरी से आम आदमी की जेब पर सीधा बोझ बढ़ेगा। जहां एक तरफ टेलीकॉम कंपनियां इसे बेहतर सेवाओं के लिए जरूरी बता रही हैं, वहीं यूजर्स को लग रहा है कि उनका इंटरनेट इस्तेमाल अब लग्ज़री बनता जा रहा है।
👉 आने वाले दिनों में अगर और रेट हाइक हुआ तो लोगों को अपनी इंटरनेट आदतें बदलनी पड़ सकती हैं।